झाँसी: डीजल संकट पर पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन का पत्र, किसानों की समस्या को लेकर जताई चिंता
- bharatvarshsamaach
- Mar 27
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रिपोर्टर: मोहम्मद कलाम कुरैशी
लोकेशन: झाँसी (उत्तर प्रदेश)
दिनांक : 26.03.2026
झांसी और ललितपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में डीजल की भारी कमी को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन ने कमिश्नर को पत्र लिखकर चिंता जताई है। उन्होंने किसानों की समस्याओं को गंभीर बताते हुए तत्काल समाधान की मांग की है।
ग्रामीण क्षेत्रों में डीजल का संकट
पत्र में बताया गया है कि कई पेट्रोल पंपों पर डीजल पूरी तरह समाप्त हो चुका है, जबकि जहां डीजल उपलब्ध है, वहां किसानों को कट्टीया या ड्रम में डीजल देने पर रोक लगा दी गई है। इससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
फसल पर मंडरा रहा खतरा
हाल ही में ओलावृष्टि के बाद एक बार फिर मौसम खराब होने की आशंका है। बड़ी संख्या में किसानों की फसल खेतों में पड़ी हुई है या कटाई की प्रक्रिया में है। ऐसे में डीजल की कमी से कटाई, मड़ाई और छंटाई का कार्य प्रभावित हो रहा है।
डीजल की आवश्यकता क्यों जरूरी
फसल कटाई के लिए हार्वेस्टर, थ्रेसर और कटर जैसे यंत्रों का उपयोग किया जाता है, जो अधिकतर खेतों में ही संचालित होते हैं। बिजली की अनियमित आपूर्ति के चलते जनरेटर का भी सहारा लेना पड़ता है, जिसके लिए डीजल अनिवार्य है।
किसान कट्टीया या ड्रम के माध्यम से डीजल इसलिए लेते हैं, ताकि तत्काल जरूरत को पूरा किया जा सके, न कि भंडारण के लिए।
प्रशासनिक रोक से बढ़ी परेशानी
पुलिस और प्रशासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के कारण किसानों की दिक्कतें और बढ़ गई हैं। इससे उनकी फसल को नुकसान होने की आशंका है और किसान खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं।
प्रशासन से की गई मांग
प्रदीप जैन ने कमिश्नर से अनुरोध किया है कि किसानों को कट्टीया और ड्रम में डीजल देने की अनुमति दी जाए।साथ ही ग्रामीण पेट्रोल पंपों पर प्राथमिकता के आधार पर डीजल उपलब्ध कराने और पुलिस-प्रशासन को सहयोगात्मक रवैया अपनाने के निर्देश देने की मांग की है।
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भारतवर्ष समाचार ब्यूरो
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