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झांसी में उर्स मुबारक बसीरूल औलिया अकीदत के साथ संपन्न, अमन-भाईचारे की हुई दुआ

  • bharatvarshsamaach
  • 59 minutes ago
  • 1 min read

रिपोर्टर: मोहम्मद कलाम कुरैशी

लोकेशन: झाँसी (उत्तर प्रदेश)

दिनांक : 25.03.2026


अकीदत और उल्लास के साथ हुआ आयोजन

झांसी के शिवाजी नगर स्थित अमीट हाउस में सूफी संत हाजी सैयद बसीरूल औलिया का उर्स मुबारक बड़े ही अकीदत और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस मौके पर दूर-दराज से आए मुरीदों और अकीदतमंदों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।


कुरान ख्वानी और मिलाद से हुआ आगाज

उर्स मुबारक का शुभारंभ कुरान ख्वानी और मिलाद-ए-पाक से किया गया। इसके बाद शाम को सूफियाना अंदाज में महफिल-ए-शमा (कव्वाली) का आयोजन हुआ।


कव्वाली में झूमे अकीदतमंद

कव्वाल सलीम झंकार ने हजरत बसीरूल औलिया की शान में एक से बढ़कर एक कलाम पेश किए, जिससे मौजूद अकीदतमंद झूम उठे। देर रात तक लोग कव्वाली का लुत्फ उठाते रहे।


कुल शरीफ की रस्म अदा

उर्स के दूसरे दिन कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। गद्दीनशीन सूफी सैयद फैजान उल हक साहब ने देश में अमन, भाईचारे और शांति की दुआ की।


शिक्षा और सादगी का दिया संदेश

सैयद फैजान उल हक साहब ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा देना बेहद जरूरी है, ताकि वे देश और समाज का नाम रोशन कर सकें। उन्होंने फिजूल खर्च से बचने और सादगीपूर्ण निकाह करने की भी अपील की।


सैकड़ों अकीदतमंद रहे मौजूद

उर्स मुबारक में क्षेत्र के कई सूफी संत और सैकड़ों की संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे, जिन्होंने मिलकर दुआएं मांगीं और सिलसिले को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।


निष्कर्ष

यह उर्स मुबारक न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि समाज में अमन, भाईचारे और शिक्षा के महत्व का संदेश भी देकर गया।


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 भारतवर्ष समाचार  ब्यूरो

 संपर्क: 9410001283

 वेबसाइट: www.bharatvarshsamachar.org

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