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झांसी: राष्ट्रीय लोक अदालत में 2 लाख से अधिक मामलों का निस्तारण, वादकारियों को मिली राहत

  • bharatvarshsamaach
  • 22 hours ago
  • 2 min read

रिपोर्टर: कलाम कुरैशी झाँसी

लोकेशन: झांसी

दिनांक : 09.05.2026


झांसी न्यायालय परिसर में शनिवार को चौथी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें 2 लाख से अधिक मामलों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया। लोक अदालत में बड़ी संख्या में वादकारियों ने भाग लिया और लंबे समय से लंबित मामलों का समाधान हुआ।


विभिन्न मामलों का हुआ निस्तारण

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित इस लोक अदालत में पारिवारिक विवाद, चेक बाउंस, मोटर दुर्घटना दावा, घरेलू हिंसा, सिविल, राजस्व तथा प्री-लिटिगेशन से जुड़े मामलों का निस्तारण किया गया।


लोक अदालत का शुभारंभ जिला न्यायाधीश द्वारा किया गया। इस दौरान विभिन्न प्रकार के मामलों के निस्तारण के लिए कुल 25 बेंचों का गठन किया गया था।


पारिवारिक मामलों में बनी सहमति

पारिवारिक न्यायालय की बेंच में कई पति-पत्नी आपसी मतभेद भुलाकर दोबारा साथ रहने के लिए राजी हुए। वहीं मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में पीड़ित पक्षों को करोड़ों रुपये का प्रतिकर भी दिलाया गया।


14वें वित्त आयोग योजनान्तर्गत गठित विशेष न्यायालय एनडीपीएस एक्ट/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (द्रुतगामी न्यायालय) की बेंच में भी बड़ी संख्या में पुराने मामलों का निस्तारण हुआ।


समय और धन दोनों की बचत

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से वादकारियों का समय और पैसा दोनों बचता है। साथ ही आपसी सहमति से हुए फैसलों के खिलाफ अपील का प्रावधान नहीं होता, जिससे न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ भी कम होता है।


Sharad Kumar Chaudhary ने कहा कि लोक अदालत त्वरित और सुलभ न्याय का प्रभावी माध्यम है, जहां दोनों पक्षों को राहत मिलती है। उन्होंने बताया कि उनकी बेंच में भी बड़ी संख्या में पुराने मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया।



 भारतवर्ष समाचार  ब्यूरो

 संपर्क: 9410001283

 वेबसाइट: www.bharatvarshsamachar.org

 
 
 

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