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झांसी: हीरापुर में चकबंदी को लेकर बवाल, किसानों ने लगाया नियम विरुद्ध चक काटने का आरोप

  • bharatvarshsamaach
  • 2 hours ago
  • 2 min read

रिपोर्टर: कलाम कुरैशी झाँसी

लोकेशन: झांसी

दिनांक : 14.05.2026


बबीना क्षेत्र के हीरापुर गांव में चल रही चकबंदी प्रक्रिया को लेकर ग्रामीणों और किसानों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। गांव के किसानों ने सहायक चकबंदी अधिकारी पर नियम विरुद्ध तरीके से चक काटने और किसानों की मूल जोत से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है। इसी मुद्दे को लेकर पूर्व विधायक कृष्ण पाल राजपूत के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों और ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की।


ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में चकबंदी प्रक्रिया के तहत धारा-23 जारी हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद चकों का निर्धारण नियमों के विपरीत किया जा रहा है। किसानों का कहना है कि उनकी वर्षों पुरानी मूल जोत को छोड़कर दूसरी जगहों पर चक आवंटित किए जा रहे हैं। जिन खेतों पर किसान लंबे समय से काबिज हैं और खेती कर रहे हैं, वहां चक न देकर दूसरी भूमि पर चक प्रदर्शित किए जा रहे हैं।


ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रक्रिया से गांव में विवाद और तनाव की स्थिति बन रही है। कई किसानों ने आरोप लगाया कि चकबंदी विभाग द्वारा मनमाने तरीके से भूमि का आवंटन किया जा रहा है, जिससे भविष्य में आपसी संघर्ष की आशंका बढ़ गई है।


शिकायती पत्र में यह भी कहा गया कि आकार पत्रों में आराजी और रकबे संबंधी कई त्रुटियां हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें जारी किया जा रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने इन गड़बड़ियों को लेकर आपत्तियां दर्ज कराईं तो सहायक चकबंदी अधिकारी ने उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया।


पूर्व विधायक कृष्ण पाल राजपूत ने कहा कि किसानों के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर नियम विरुद्ध काटे गए चकों को निरस्त किया जाए। साथ ही गांव को चकबंदी प्रक्रिया से बाहर करने पर भी विचार किया जाए, ताकि किसानों के बीच बढ़ रहे विवाद को रोका जा सके।


ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। किसानों का कहना है कि चकबंदी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए, ताकि किसी भी किसान के साथ अन्याय न हो।



 भारतवर्ष समाचार  ब्यूरो

 संपर्क: 9410001283

 वेबसाइट: www.bharatvarshsamachar.org




 
 
 

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