मुरादाबाद: 200 करोड़ की फर्जी बिल ट्रेडिंग का खुलासा: एसआईटी ने गैंग के मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार
- bharatvarshsamaach
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लोकेशन: मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश
संवाददाता: मनोज कुमार
दिनांक : 28 फरवरी 2026
मुरादाबाद में करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी करने वाले बड़े फर्जी बिल ट्रेडिंग गैंग का खुलासा करते हुए एसआईटी (अपराध शाखा) ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर करीब 200 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग कर सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुंचाने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बड़ी मात्रा में मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, चेकबुक, फर्जी दस्तावेज, लैपटॉप और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री बरामद की है।
फर्जी फर्मों के जरिए करोड़ों की जीएसटी चोरी
यह कार्रवाई मुरादाबाद में उस समय शुरू हुई जब राज्य कर विभाग के प्रधान सहायक आदित्य प्रताप सिंह ने AL JAZA TRADERS नाम की फर्म द्वारा करीब 1.20 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में थाना सिविल लाइंस में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी फर्जी फर्मों के नाम पर केवल कागजों में बिल जारी करता था, जबकि वास्तविकता में कोई माल का लेन-देन नहीं होता था। इस प्रक्रिया के जरिए फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लिया जाता था और बाद में पैसों को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर नकद निकाला जाता था।
आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी
एसआईटी टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया जानकारी के आधार पर मुख्य आरोपी पुनित पुत्र बिशम्बर सिंह निवासी आगरा को गिरफ्तार किया। आरोपी बीएससी (मैथ) शिक्षित है और वर्ष 2019 से इस फर्जी बिलिंग नेटवर्क में सक्रिय था।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अपनी पत्नी और बेटी के नाम से MAGNA ENTERPRISES और VANYA ENTERPRISES सहित कई फर्जी फर्म बनाईं। इन फर्मों के जरिए उसने करोड़ों रुपये की फर्जी बिलिंग की और कमीशन लेकर रकम मुख्य संचालकों तक पहुंचाई।
खातों में अरबों रुपये का लेन-देन
जांच में सामने आया कि आरोपी ने विभिन्न फर्जी फर्मों के माध्यम से—
R.K. INTERNATIONAL खाते में लगभग 88.79 करोड़ रुपये
MAGNA ENTERPRISES खाते में लगभग 57.84 करोड़ रुपये
VANYA ENTERPRISES खाते में लगभग 122.57 करोड़ रुपये
का लेन-देन किया।
पुलिस के अनुसार कुल फर्जी बिल ट्रेडिंग का आंकड़ा करीब 200 करोड़ रुपये तक पहुंचता है।
भारी मात्रा में दस्तावेज और उपकरण बरामद
एसआईटी टीम ने आरोपी के पास से बरामद किया—
11 मोबाइल फोन (7 कीपैड, 4 एंड्रॉयड)
12 एटीएम कार्ड
29 चेकबुक
1 लैपटॉप, 1 पीसी
32 किरायानामा
9 टैक्स इनवॉइस
कई आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज
5 मुहर और बैंकिंग दस्तावेज
6 लाख रुपये खाते में सीज
यह सभी सामग्री फर्जी बिलिंग नेटवर्क के संचालन में इस्तेमाल की जा रही थी।
एसआईटी और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में गठित एसआईटी टीम द्वारा की गई। टीम ने साइबर जांच, बैंकिंग ट्रेल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया।
इस मामले में सुभाष चंद्र गंगवार (एसपी क्राइम) ने बताया कि यह एक संगठित गिरोह है, जो फर्जी फर्म बनाकर जीएसटी चोरी कर रहा था। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
आगे की कार्रवाई जारी
पुलिस अब आरोपी से जुड़े अन्य नेटवर्क, फर्जी फर्म संचालकों और लाभार्थियों की पहचान कर रही है। इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
निष्कर्ष:
मुरादाबाद में हुई यह गिरफ्तारी जीएसटी चोरी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। इससे न केवल करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी का खुलासा हुआ है, बल्कि फर्जी बिलिंग नेटवर्क के बड़े गिरोह पर भी शिकंजा कसना शुरू हो गया है।
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भारतवर्ष समाचार ब्यूरो
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