मुरादाबाद में शुरू हुआ ‘एक पुष्प-एक पुस्तक’ अभियान, अब बुके की जगह भेंट की जाएगी किताब
- bharatvarshsamaach
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संवाददाता : मनोज कुमार
लोकेशन : मुरादाबाद
दिनांक : 08.05.2026
मुरादाबाद में पर्यावरण संरक्षण और पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एक अनोखी पहल शुरू की गई है। जिलाधिकारी Dr. Rajendra Pensiya ने जिले में ‘एक पुष्प-एक पुस्तक’ और ‘सब पढ़ें, आगे बढ़ें’ अभियान का शुभारंभ किया है। इस अभियान के तहत अब सरकारी, अर्द्धसरकारी और सार्वजनिक कार्यक्रमों में अतिथियों को महंगे पुष्पगुच्छ (बुके) देने पर रोक लगाई गई है। उनकी जगह अब एक फूल और एक अच्छी पुस्तक भेंट की जाएगी।
बुके पर खर्च और प्लास्टिक कचरे पर रोक
जिलाधिकारी ने बताया कि कार्यक्रमों में इस्तेमाल होने वाले अधिकांश बुके प्लास्टिक से तैयार होते हैं और उनकी उपयोगिता केवल 24 से 48 घंटे तक ही रहती है। इसके बाद वही बुके कचरे में बदलकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि 200 से 1500 रुपये तक खर्च होने वाले बुके की जगह अगर किताब दी जाए तो वह लंबे समय तक ज्ञान का माध्यम बन सकती है।
डीएम ने सभी विभागों को इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
‘पॉपकॉर्न माइंड’ से बचाने की पहल
जिलाधिकारी डॉ. पैंसिया ने कहा कि मोबाइल और सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग के कारण लोगों की एकाग्रता क्षमता लगातार कम हो रही है। आज लोगों का ध्यान कुछ ही सेकंड में भटक जाता है, जिसे उन्होंने ‘पॉपकॉर्न माइंड’ बताया। उन्होंने कहा कि पुस्तकों का अध्ययन मानसिक स्थिरता और एकाग्रता बढ़ाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
घर-घर पुस्तक पहुंचाने का लक्ष्य
उन्होंने कहा कि जिस रकम में एक साधारण बुके आता है, उसी कीमत में एक अच्छी पुस्तक खरीदी जा सकती है। इससे लोगों के घरों और कार्यालयों में छोटी-छोटी लाइब्रेरी तैयार होंगी और पढ़ने की आदत विकसित होगी।
निजी आयोजनों में भी किताब देने की अपील
जिलाधिकारी ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे विवाह, जन्मदिन, गृह प्रवेश और अन्य निजी आयोजनों में बुके की जगह किताब भेंट करने की परंपरा अपनाएं। उन्होंने सभी अधिकारियों को अभियान से जुड़े पोस्टर और प्रचार सामग्री कार्यालयों में लगाने के निर्देश दिए हैं ताकि यह पहल जनआंदोलन का रूप ले सके।
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भारतवर्ष समाचार ब्यूरो
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