66वें श्रीरामचरित मानस सम्मेलन में गूंजा रामनाम, श्रद्धालुओं ने सुनी भक्ति और समर्पण की कथा
- bharatvarshsamaach
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रिपोर्ट: सुल्तान आब्दी
स्थान : झांसी, उत्तर प्रदेश
दिनांक : 27 मई 2026
झांसी में Shri Ramcharit Manas Samiti Premnagar के तत्वावधान में आयोजित 66वें संगीतमय श्रीरामचरित मानस सम्मेलन के तीसरे दिन श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कस्तूरबा कन्या इंटर कॉलेज परिसर, प्रेमनगर नगरा में चल रहे पांच दिवसीय आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर कथा और प्रवचनों का श्रवण किया।
विधि-विधान से हुआ पूजन-अर्चन
कार्यक्रम की शुरुआत विधि-विधान से पूजन-अर्चन और आरती के साथ हुई। इसके बाद कथा और प्रवचनों का क्रम शुरू हुआ, जिसमें संतों और विद्वानों ने रामायण और हनुमान चरित्र के विभिन्न प्रसंगों पर प्रकाश डाला।
“केवट प्रसंग भक्ति और प्रेम का सुंदर संवाद”
पूज्य साध्वी Aastha Dubey ने रामायण के केवट प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि यह प्रसंग भक्ति, प्रेम और तर्क का सबसे सुंदर संवाद है। उन्होंने बताया कि केवट का भगवान राम के प्रति समर्पण और निश्छल प्रेम हर भक्त के लिए प्रेरणास्रोत है।
“रामनाम जाप से दूर होते हैं संकट”
वृंदावन धाम से आए पूज्य Rakesh Maharaj ने कहा कि कलयुग में रामनाम ही सबसे बड़ा सहारा है। उन्होंने श्रद्धालुओं से नियमित रामनाम जाप करने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रभु स्मरण से जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं।
हनुमान चरित्र कथा का हुआ वर्णन
पूज्य महामंडलेश्वर Vishvabhushan Das ने हनुमान चरित्र कथा का वर्णन करते हुए कहा कि बजरंगबली का जीवन त्याग, सेवा, समर्पण और अटूट विश्वास की मिसाल है। उन्होंने कहा कि हनुमान जी का स्मरण मात्र करने से जीवन के भय और कष्ट दूर हो जाते हैं।
बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु
इस अवसर पर पं. श्याम सुंदर अवस्थी, पं. सियारामशरण चतुर्वेदी, ठाकुर अरुण सिंह, डॉ. जितेंद्र तिवारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन पं. सियारामशरण चतुर्वेदी ने किया, जबकि आभार ज्ञापन अध्यक्ष पं. श्याम सुंदर अवस्थी ने व्यक्त किया।
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