ASP अनुज चौधरी पर FIR के आदेश से सियासी तूफान, संत समाज ने अखिलेश यादव पर बोला तीखा हमला
- bharatvarshsamaach
- Jan 15
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रिपोर्टर: प्रदीप मिश्रा, संभल
स्थान: संभल, उत्तर प्रदेश
दिनांक : 15 जनवरी 2026
संभल में अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) अनुज चौधरी के खिलाफ FIR दर्ज करने के अदालती आदेश के बाद जिले का सियासी माहौल अचानक गरमा गया है। यह मामला अब केवल कानूनी दायरे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक बयानबाज़ी और वैचारिक टकराव का रूप ले चुका है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद जहां विपक्ष ने प्रशासन पर सवाल खड़े किए, वहीं अब संत समाज और हिंदू संगठनों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।
कोर्ट के आदेश पर हुआ था सर्वे
संभल के क्षेमनाथ तीर्थ के महंत बाल योगी दीनानाथ ने पूरे प्रकरण पर खुलकर अपनी बात रखते हुए कहा कि जिस दिन संभल में सर्वे किया गया, वह पूरी तरह से न्यायालय के स्पष्ट आदेश के तहत हुआ था। उन्होंने कहा कि इसे राजनीतिक रंग देना और प्रशासनिक अधिकारियों को दोषी ठहराना सरासर गलत है।
महंत बाल योगी ने बताया कि सर्वे के दौरान ASP अनुज चौधरी, के.के. विश्नोई, राजेंद्र पेसिया समेत पूरा प्रशासनिक अमला मौके पर मौजूद था। यदि प्रशासन समय रहते वहां न पहुंचता, तो हालात बेहद गंभीर हो सकते थे।
1978 के दंगों की याद दिलाई
महंत बाल योगी ने कहा कि संभल पहले भी दंगों की त्रासदी झेल चुका है। उन्होंने 1978 के दंगों का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस समय 184 हिंदुओं की हत्या हुई थी। उन्होंने आशंका जताई कि यदि इस बार प्रशासन सख्ती न दिखाता, तो स्थिति उससे भी अधिक भयावह हो सकती थी।
उनका कहना था कि ASP अनुज चौधरी ने कोई व्यक्तिगत दुर्भावना से काम नहीं किया, बल्कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी जिम्मेदारी निभाई।
पाकिस्तानी कारतूस मिलने का मुद्दा उठाया
महंत बाल योगी दीनानाथ ने सवाल उठाया कि जांच के दौरान पाकिस्तानी कारतूस मिलने जैसी गंभीर बात सामने आई, लेकिन इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि केवल एक अधिकारी को निशाना बनाना न्यायसंगत नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल वोट बैंक की राजनीति के चलते दंगाइयों के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि दंगा करने वालों को आर्थिक सहायता दी जाएगी, तो इससे भविष्य में ऐसे कृत्यों को बढ़ावा मिलेगा।
निष्पक्ष जांच की मांग
संत समाज की ओर से न्यायालय से एक बार फिर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। महंत बाल योगी ने कहा कि मौके के वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों की दोबारा जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई पूरी तरह सामने आ सके।
उन्होंने बताया कि घटना के दिन ASP अनुज चौधरी लगातार लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहे थे और यह स्पष्ट कर रहे थे कि सर्वे में मस्जिद कमेटी, प्रशासन और जांच टीम सभी शामिल हैं, इसके बावजूद भीड़ को जानबूझकर उकसाया गया।
यह प्रशासन नहीं, कोर्ट के आदेश का मामला: महंत बाल योगी
अंत में महंत बाल योगी दीनानाथ ने दो टूक कहा कि यह मामला किसी सरकार या प्रशासन का नहीं, बल्कि न्यायालय के आदेश का है। उन्होंने कहा कि वे सनातन धर्म के समर्थक हैं और समाज में शांति, कानून और संवैधानिक व्यवस्था के पक्ष में खड़े रहेंगे।
संभल का यह मामला अब कानून से आगे बढ़कर खुली सियासी जंग में तब्दील हो चुका है, जहां आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाज़ी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
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भारतवर्ष समाचार ब्यूरो
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