किसानों की समस्याओं को लेकर भाकियू शंकर का कलेक्ट्रेट पर धरना, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया मांग पत्र
- bharatvarshsamaach
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भारतवर्ष समाचार ब्यूरो
स्थान: अमरोहा,उत्तर प्रदेश
दिनांक : 09 फरवरी 2026
अमरोहा। भारतीय किसान यूनियन (शंकर) के बैनर तले किसानों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता चौधरी विक्रम पवार ने की, जबकि संचालन प्रदेश प्रवक्ता सत्यवीर सिंह ने किया। धरने के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक विस्तृत मांग पत्र डिप्टी कलेक्टर बृजपाल सिंह को सौंपा गया।
सरकार के दावों पर उठाए सवाल
धरना स्थल को संबोधित करते हुए भाकियू शंकर के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा किसानों की आय दोगुनी करने के दावे जमीनी स्तर पर पूरे होते नजर नहीं आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में विभागीय भ्रष्टाचार चरम पर है और चकबंदी विभाग “चकबंदी” के बजाय “लूटबंदी” में लगा हुआ है। मुख्यमंत्री के आदेशों की अनदेखी कर जनपद स्तर पर मनमानी की जा रही है, जिसे संगठन किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगा।
किसानों पर बढ़ती महंगाई की मार
चौधरी दिवाकर सिंह ने कहा कि किसानों को फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है, जबकि खाद, बीज, बिजली और डीज़ल की लगातार बढ़ती कीमतों ने खेती को घाटे का सौदा बना दिया है। गन्ना क्रय केंद्रों पर घटतौली की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। वहीं फसल बीमा और मुआवज़ा समय पर न मिलने से किसान गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं।
आवारा पशुओं से फसलों को नुकसान
धरने में किसानों ने आवारा पशुओं की समस्या को भी प्रमुखता से उठाया। किसानों का कहना है कि आवारा पशु फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंद किसानों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
भाकियू शंकर की प्रमुख मांगें
संगठन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में निम्नलिखित प्रमुख मांगें शामिल रहीं:
चकबंदी प्रक्रिया समाप्त कर किसानों की जमीन की वास्तविक स्थिति अभिलेखों में दर्ज की जाए।
मुरादाबाद मंडल के चक्कालीलेट हाल्ट फाटक संख्या 11/C पर अंडरपास हटाकर ओवरब्रिज का निर्माण कराया जाए।
शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, आंगनवाड़ी, आशा और सफाई कर्मियों को न्यूनतम ₹30,000 प्रतिमाह वेतन दिया जाए।
गन्ना विकास सहकारी समितियों को NABARD में पंजीकृत किया जाए।
जिला सहकारी बैंक बोर्ड का शीघ्र गठन कर ऋण व्यवस्था में सुधार किया जाए।
केसीसी की सीमा ₹5 लाख की जाए और अवैध ब्याज वसूली बंद हो।
गन्ना क्रय केंद्रों पर घटतौली रोकने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था लागू हो।
ग्रामीण क्षेत्रों में रोडवेज बस सेवाएं सुनिश्चित की जाएं।
डिडौली क्षेत्र में 132 केवीए विद्युत उपकेंद्र की स्थापना की जाए।
अमरोहा विकास प्राधिकरण का गठन किया जाए।
गजरौला में ट्रॉमा सेंटर की स्थापना हो।
क्षतिग्रस्त सड़कों व संपर्क मार्गों का नवनिर्माण कराया जाए।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को ऐच्छिक बनाया जाए और सड़क सुरक्षा के लिए अंडरपास पर रिफ्लेक्टिव मिरर लगाए जाएं।
प्रशासनिक अधिकारियों से हुई वार्ता
धरने के दौरान जिला गन्ना अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, डीडीएम नाबार्ड मुरादाबाद, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड अमरोहा, चकबंदी विभाग के अधिकारी, थाना अध्यक्ष अमरोहा देहात सहित भारी पुलिस बल मौजूद रहा। अधिकारियों के साथ वार्ता के बाद संगठन की कार्यकारिणी ने धरना फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया।
महाशिवरात्रि के बाद अगला आंदोलन
भाकियू शंकर ने स्पष्ट किया कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान शीघ्र नहीं हुआ तो महाशिवरात्रि के बाद आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरना-प्रदर्शन में हजारों किसानों की मौजूदगी रही, जिससे प्रशासन पर दबाव साफ नजर आया।
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