झांसी: अवैध चुनावी चौपालों और फर्जी यूट्यूबरों पर रोक की मांग, पत्रकारों ने सौंपा ज्ञापन
- bharatvarshsamaach
- Jan 21
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रिपोर्टर: मोहम्मद कलाम कुरैशी, झांसी
लोकेशन : झांसी, उत्तर प्रदेश
दिनांक : 21 जनवरी 2026
झांसी। जनपद झांसी में अवैध चुनावी चौपालों, फर्जी यूट्यूबरों और सोशल मीडिया के माध्यम से हो रही कथित अवैध धन उगाही व भ्रम फैलाने की गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग को लेकर झांसी मीडिया क्लब के तत्वावधान में पत्रकारों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी को सौंपा। यह ज्ञापन झांसी मीडिया क्लब के अध्यक्ष मुकेश वर्मा के नेतृत्व में दिया गया।
फर्जी यूट्यूबरों से बिगड़ रहा सामाजिक माहौल: पत्रकार
ज्ञापन में पत्रकारों ने कहा कि जनपद झांसी में लंबे समय से शासन-प्रशासन और पत्रकारिता के बीच बेहतर तालमेल रहा है, जिससे जनहित और समाजहित में कई सराहनीय कार्य हुए हैं।लेकिन बीते कुछ वर्षों में यूट्यूब पोर्टल और फेसबुक पेज संचालकों की बढ़ती संख्या ने पत्रकारिता की छवि को नुकसान पहुंचाया है। आरोप है कि कई यूट्यूबर फॉलोअर्स बढ़ाने और अवैध आर्थिक लाभ के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़कर खबरें चला रहे हैं, जिससे समाज में वैमनस्य और विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
पुलिस की छवि धूमिल करने और दबाव बनाने का आरोप
पत्रकारों ने आरोप लगाया कि कुछ यूट्यूबर बिना ठोस साक्ष्य के एकतरफा बयान लेकर खबरें प्रसारित करते हैं और पुलिस व प्रशासन की छवि धूमिल करने का प्रयास करते हैं। कई मामलों में पुलिस द्वारा मुकदमे दर्ज होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई न होने से ऐसे तत्वों के हौसले बुलंद हैं।
ग्वालियर पुलिस से जुड़े मामले का जिक्र
ज्ञापन में 18 अक्टूबर 2025 की एक गंभीर घटना का उल्लेख करते हुए बताया गया कि मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले की पुलिस एक जालसाजी के मामले में झांसी आई थी। इस दौरान आरोपी पक्ष ने कुछ यूट्यूबरों को बुलाकर ऑन कैमरा पुलिस से अभद्रता करवाई।आरोप है कि इसी दौरान चौकी विश्वविद्यालय और थाना नवाबाद क्षेत्र में सरकारी पिस्टल छीनने का प्रयास भी किया गया, जिसमें 8–10 यूट्यूबर शामिल थे। इस मामले में थाना नवाबाद में मुकदमा दर्ज हुआ, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।
अवैध धन उगाही और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप
पत्रकारों ने बताया कि कई यूट्यूबर और फेसबुक पेज संचालक गिरोह बनाकर काम कर रहे हैं। ये लोग निर्माण कार्यों, बेसमेंट खुदाई, सरकारी राशन दुकानों, गौशालाओं और ग्राम पंचायतों में पहुंचकर वीडियो बनाते हैं और फिर ब्लैकमेल कर अवैध धन की मांग करते हैं।यदि मांग पूरी नहीं होती, तो संबंधित विभागों में शिकायत कर दबाव बनाया जाता है।
अवैध चुनावी चौपालों से बढ़ रही आपसी रंजिश
ज्ञापन में कहा गया कि कुछ सोशल मीडिया संचालक बिना प्रशासनिक अनुमति के ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में चुनावी चौपालें आयोजित कर रहे हैं। इन चौपालों में माइक और कैमरे के सामने लोगों को आपसी दुश्मनी निकालने के लिए उकसाया जाता है, जिससे आगामी पंचायत चुनाव से पहले ही माहौल बिगड़ रहा है।पत्रकारों ने ऐसी अवैध चौपालों पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की।
पत्रकारों की प्रमुख मांगें
पत्रकारों ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि—
अवैध चुनावी चौपालों पर तत्काल रोक लगाई जाए
फर्जी यूट्यूबरों और फेसबुक पेज संचालकों पर निरोधात्मक कार्रवाई हो
सरकारी कार्यालयों में यूट्यूबरों के अनियंत्रित प्रवेश पर रोक लगे
शिकायतों पर कार्रवाई से पहले निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए
पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच कराई जाए
बड़ी संख्या में पत्रकार रहे मौजूद
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार राम कुमार साहू, राम गोपाल शर्मा, राम नरेश यादव, अश्वनी मिश्रा, राजेश चौरसिया, बालेंद्र गुप्ता, सुल्तान आब्दी, दीपक त्रिपाठी, मुकेश तिवारी, राजीव सक्सेना, ब्रिजेश साहू, भूपेंद्र रायकवार, दीपक चौहान, नवीन यादव, रवि साहू, दीप चंद्र चौबे, रोहित झा, कलाम कुरैशी, मोहम्मद आफरीन, परमेंद्र सिंह, अरविंद भार्गव, नवीन कुमार वर्मा, मनीष अली, राहुल कोस्टा सहित दर्जनों पत्रकार उपस्थित रहे।
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