धनौरा में किसानों का धरना, भारतीय किसान यूनियन (शंकर) ने दी आंदोलन की चेतावनी
- bharatvarshsamaach
- Feb 27
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भारतवर्ष समाचार ब्यूरो
स्थान: धनौरा (अमरोहा)
दिनांक: 27 फरवरी 2026
तहसील धनौरा स्थित महादेव मंदिर परिसर में गुरुवार को किसानों, रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं और आमजन की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (शंकर) के नेतृत्व में विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। धरने की अध्यक्षता सरदार सिंघारा सिंह ने की, जबकि संचालन प्रदेश प्रवक्ता प्रिंसिपल सत्यवीर सिंह ने किया।
धरने का नेतृत्व करते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह ने तहसील स्तर पर भ्रष्टाचार और किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ भ्रष्ट अधिकारियों के कारण सरकार की छवि खराब हो रही है और किसानों व गरीब वर्ग को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को हटाने पर जताया विरोध
धरने में प्रमुख रूप से रामलीला मैदान से रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को हटाने की कार्रवाई का विरोध किया गया। वक्ताओं ने कहा कि पिछले लगभग 40 वर्षों से दर्जनों परिवार यहां ठेला और रेहड़ी लगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। बिना सर्वे और पुनर्वास की व्यवस्था के हटाने की कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताया गया।
किसान यूनियन ने मांग की कि हटाने की कार्रवाई तत्काल रोकी जाए, विधिवत सर्वे कराया जाए और टाउन वेंडिंग कमेटी के माध्यम से वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया जाए।
तिगरी धाम गंगा तट की बदहाल स्थिति पर उठाए सवाल
धरने में तिगरी धाम गंगा तट की खराब स्थिति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि अंतिम संस्कार के बाद अवशेष खुले में पड़े रहते हैं, जिससे गंगा की पवित्रता प्रभावित हो रही है। उन्होंने विशेष सफाई अभियान चलाने, अवशेषों के वैज्ञानिक निस्तारण और आधुनिक विद्युत शवदाह गृह की स्थापना की मांग की।
गन्ना भुगतान और किसान समस्याओं पर नाराजगी
किसानों ने गन्ना भुगतान में देरी, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) में बाधाएं, विरासत और रजिस्ट्री में अनियमितता, तथा खाद-बीज वितरण में समस्याओं पर नाराजगी जताई। किसान यूनियन ने मांग की कि 15 दिन के भीतर गन्ना भुगतान सुनिश्चित किया जाए, KCC की सीमा 5 लाख रुपये की जाए और अतिरिक्त ब्याज वसूली बंद की जाए।
इसके अलावा गन्ना समितियों के पंजीकरण, डिजिटल सत्यापन के लिए नेटवर्क व्यवस्था और बैंकिंग सुविधाओं को बेहतर करने की भी मांग उठाई गई।
क्षेत्रीय विकास से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए
धरने में क्षेत्रीय विकास के कई मुद्दे भी उठाए गए, जिनमें फाजलपुर रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज निर्माण, गजरौला में ट्रॉमा सेंटर की स्थापना और रसूलपुर भंवर गांव में बांध निर्माण कार्य को लेकर उचित कार्रवाई की मांग शामिल रही।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
धरने के अंत में किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी प्रतिनिधि के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। चौधरी दिवाकर सिंह ने कहा कि यह आंदोलन किसानों, मजदूरों और गरीबों के अधिकारों की रक्षा के लिए है। यदि 15 दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन चरणबद्ध तरीके से उग्र आंदोलन करेगा।
कार्यक्रम के अंत में सभी को होली की शुभकामनाएं दी गईं और नशामुक्त होकर त्योहार मनाने की अपील की गई। धरने में संगठन के कई पदाधिकारी, किसान, महिलाएं और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
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भारतवर्ष समाचार ब्यूरो
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