नूरपुर: गोहावर हल्लू में 100 साल पुराना पिलखन का पेड़ रातों-रात काटा गया, ग्राम प्रधान पर आरोप
- bharatvarshsamaach
- Dec 12, 2025
- 2 min read

रिपोर्टर: शकील अहमद |
स्थान: गोहावर/नूरपुर
दिनांक : 12 दिसम्बर 2025
गोहावर/नूरपुर। नूरपुर थाना क्षेत्र के गांव गोहावर हल्लू में बीती रात एक बड़ा मामला सामने आया है। गांव के प्राथमिक विद्यालय परिसर में खड़ा लगभग 100 साल पुराना ऐतिहासिक पिलखन का पेड़ गुरुवार देर रात मात्र दो घंटे में काटकर गायब कर दिया गया।सुबह जब ग्रामीण स्कूल पहुंचे तो पेड़ के 40-40 इंच चौड़े सभी मोटे गुदे पूरी तरह गायब थे, केवल जड़ और थोड़ा हिस्सा बचा था।
घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया और ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। शिकायत पर ग्राम प्रधान बरम सिंह को संदेह के आधार पर पुलिस और वन विभाग द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
दो घंटे में काटा गया पूरा पेड़, गुदे भी गायब
ग्रामीणों के अनुसार पेड़ गुरुवार रात तक सुरक्षित खड़ा था, लेकिन शुक्रवार सुबह इसकी जगह केवल जड़ें पड़ी थीं।ग्रामीणों का आरोप है कि—
लकड़ी तस्करों ने मिलीभगत से पूरा पेड़ काटा
40-40 इंच के मोटे गुदे पिकअप में भरकर ले जाए गए
यह सब “छांगने” के नाम पर किया गया, जबकि हकीकत में पूरा पेड़ ही काट डाला गया
ग्राम प्रधान पर गंभीर आरोप
ग्रामीण पतराम सिंह समेत कई लोगों ने आरोप लगाया कि घटना में ग्राम प्रधान बरम सिंह की भूमिका संदिग्ध है।साथ ही उन्होंने विद्यालय प्रबंधन और स्टाफ पर भी लापरवाही का आरोप लगाया।शिकायत के बाद पुलिस ने प्रधान को चौकी/थाने बुलाकर पूछताछ शुरू कर दी है।
वन विभाग ने जांच शुरू की
वन विभाग के दरोगा मोतीलाल सिंह ने बताया—
“मामले की जांच की जा रही है, दोषी कौन है यह जल्द स्पष्ट होगा। कानूनी कार्रवाई तय है।”
ग्रामीणों का गुस्सा—पेड़ था गांव की पहचान
स्थानीय लोगों के अनुसार यह पेड़ गांव का प्रतीक था—
गर्मी में राहगीरों के लिए बड़ी छांव
दुकानदारों के लिए ठहरने का स्थान
पेड़ पर अनगिनत पक्षियों के घोंसले
आधी सड़क को ढक लेने वाली विशाल शाखाएं
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में रात देर तक लोगों का आना-जाना रहता है, फिर भी पेड़ काटे जाने की भनक किसी को नहीं लगी, जो घटना को और संदेहास्पद बनाता है।
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भारतवर्ष समाचार ब्यूरो
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