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ACED-2025: सिविल इंजीनियरिंग के आधुनिक युग और सतत इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम

  • bharatvarshsamaach
  • Nov 30, 2025
  • 3 min read

ACED-2025 में सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर पर देशभर के विशेषज्ञ एक मंच पर।
ACED-2025 में सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर पर देशभर के विशेषज्ञ एक मंच पर।

 

ACED-2025 में सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर पर देशभर के विशेषज्ञ एक मंच पर।
ACED-2025 में सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर पर देशभर के विशेषज्ञ एक मंच पर।

भारतवर्ष समाचार |

 लोकेशन – लखनऊ

लेखक: शिखर, अधिवक्ता


द इंस्टिट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) – उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र, लखनऊ द्वारा 28 एवं 29 नवंबर 2025 को आयोजित ऑल इंडिया कॉन्फ्रेंस “एडवांस्ड सिविल इंजीनियरिंग प्रैक्टिसेज फॉर सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (ACED-2025)” ने

तकनीकी जगत, इंजीनियरों, विशेषज्ञों और शिक्षाविदों को एक साझा मंच पर संवाद करने का अनूठा अवसर प्रदान किया।

यह राष्ट्रीय सम्मेलन न केवल उन्नत तकनीकों का परिचय था, बल्कि सतत विकास, ग्रीन इंजीनियरिंग, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर डिज़ाइन और इंजीनियरिंग नेतृत्व की दिशा में एक सुनियोजित प्रयास भी था।


सम्मेलन का उद्देश्य: नवाचार, ज्ञान और सतत विकास का समन्वय

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य था—

नवीनतम सिविल इंजीनियरिंग तकनीकों पर चर्चा

अनुसंधान आधारित समाधान साझा करना

पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण को बढ़ावा देना

इंजीनियरों, छात्रों, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के बीच सहयोग बढ़ाना


विशेषज्ञों ने बताया कि सतत इंफ्रास्ट्रक्चर भविष्य की अनिवार्यता है और इसे विकसित करने में आधुनिक सिविल इंजीनियरिंग तकनीकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।


मुख्य अतिथि ई. अशोक कुमार द्विवेदी ने बताई उत्तर प्रदेश की इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्धियाँ

मुख्य अतिथि और लोक निर्माण विभाग के अभियंता-मुख्यई. अशोक कुमार द्विवेदी ने राज्य में तेजी से हो रहे बुनियादी ढांचे के विकास—

  • आधुनिक सड़क निर्माण

  • पुलों व फ्लायओवरों का विस्तार

  • राजमार्गों का उन्नयन

  • तकनीक आधारित मॉनिटरिंग सिस्टमपर विस्तार से चर्चा की।


उन्होंने इंजीनियरों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया और कहा कि नई तकनीकों और स्मार्ट इंजीनियरिंग ही भविष्य का मार्ग तय करेगी।


सम्मेलन से मिले प्रमुख लाभ और सीख

उन्नत तकनीकों का आदान-प्रदान

देशभर के विशेषज्ञों ने स्मार्ट मटेरियल्स, 3D सर्वेइंग, BIM तकनीक, डिजास्टर-रेज़िलिएंट डिज़ाइन जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।


सतत विकास की दिशा में प्रेरणा

ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर, रेनवॉटर हार्वेस्टिंग, ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण-अनुकूल निर्माण की अवधारणाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।


इंजीनियरों की तकनीकी क्षमता में वृद्धि

वर्कशॉप्स और टेक्निकल सत्रों ने प्रतिभागियों को वास्तविक चुनौतियों के समाधान का व्यावहारिक ज्ञान दिया।


भविष्य की नीति निर्माण में सहयोग

सार्वजनिक परियोजनाओं, सड़क और भवन निर्माण संबंधी तकनीकी सुझाव भविष्य की नीतियों में शामिल किए जा सकते हैं।


युवा इंजीनियरों और छात्रों के लिए अवसर

विशेषज्ञों के मार्गदर्शन और इंटरैक्टिव सत्रों ने विद्यार्थियों को करियर और शोध के नए दिशा-निर्देश दिए।


उद्योग–सरकार–संस्थान के बीच समन्वय

सम्मेलन ने तकनीकी संस्थानों, उद्योग जगत और सरकारी विभागों के बीच सहयोग को मजबूती दी।


मजबूत और सुरक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण पर ध्यान

भूकंपरोधी निर्माण, डिजास्टर मैनेजमेंट और टिकाऊ संरचनाओं के लिए विभिन्न तकनीकी रणनीतियाँ प्रस्तुत की गईं।



विशिष्ट अतिथि और तकनीकी चर्चाओं की विस्तृत प्रस्तुति

विशिष्ट अतिथि प्रो. जे. पी. साहू (IIT लखनऊ) ने ग्रीन कंस्ट्रक्शन, स्मार्ट सर्वे तकनीकें, जल संरक्षण आधारित डिज़ाइन और आधुनिक निर्माण सामग्री पर अपने विचार साझा किए।

दो दिन तक चले प्रमुख सत्रों में पेपर प्रेजेंटेशन, पैनल डिस्कशन और इंटरैक्टिव वर्कशॉप शामिल रहीं।


इन चर्चाओं ने भविष्य के सिविल इंजीनियरिंग परिदृश्य में नई तकनीकी दिशा और नवाचार की स्पष्ट झलक दी।


संस्थान के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका

  • इं. वी. बी. सिंह, FIE (अध्यक्ष) ने कहा कि इस प्रकार के सम्मेलन भारत को वैश्विक स्तर पर सतत इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण में अग्रणी बनाने में मदद करेंगे।

  • इं. सत्य प्रकाश, FIE (चेयरमैन) ने सभी विशेषज्ञों का स्वागत किया।

  • इं. अवधेश कुमार, FIE (संयोजक) ने विषय की तकनीकी महत्ता पर प्रकाश डाला।

  • ई. वी. पी. सिंह, FIE (मानद सचिव) ने समापन पर सभी का धन्यवाद किया।


ACED-2025: सिविल इंजीनियरिंग के भविष्य का दृष्टिकोण

दो दिवसीय यह राष्ट्रीय सम्मेलन आधुनिक इंजीनियरिंग जगत के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ।इसने न सिर्फ युवा इंजीनियरों को नई तकनीकों का मार्ग दिखाया, बल्कि विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के बीच सहयोग और ज्ञान-विनिमय का मजबूत मंच भी प्रदान किया।


सतत, सुरक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम भारत के निर्माण की दिशा में ACED-2025 एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में दर्ज हुआ।


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 भारतवर्ष समाचार  ब्यूरो

 संपर्क: 9410001283

 वेबसाइट: www.bharatvarshsamachar.org


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