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चकबंदी में अनियमितताओं को लेकर किसानों का आक्रोश, डीएम को सौंपा ज्ञापन

  • bharatvarshsamaach
  • Dec 30, 2025
  • 2 min read
चकबंदी की अनियमितताओं पर किसानों का विरोध
चकबंदी की अनियमितताओं पर किसानों का विरोध

भारतवर्ष समाचार ब्यूरो

  स्थान: अमरोहा, उत्तर प्रदेश

  दिनांक : 30 दिसम्बर 2025


अमरोहा। जनपद अमरोहा के ग्राम ढक्का में चल रही चकबंदी प्रक्रिया को लेकर किसानों में भारी रोष व्याप्त है। सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भारतीय किसान यूनियन (शंकर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर चकबंदी में हो रही कथित अनियमितताओं को लेकर ज्ञापन सौंपा।


मुख्य चकों को हटाने और मिलीभगत के आरोप

किसानों का आरोप है कि चकबंदी प्रक्रिया के दौरान मुख्य मार्ग पर स्थित चकों को हटाकर उन्हें दूरस्थ स्थानों पर बना दिया गया है। जिन चकों पर पहले से ट्यूबवेल लगे हुए थे, वहां किसी अन्य व्यक्ति का चक बना दिया गया।

किसानों ने लेखपाल पर कुछ लोगों से मिलीभगत कर उनके चकों को चकबंदी से बाहर करने का आरोप भी लगाया।


आबादी और पेड़ों को नक्शे में न दिखाने का आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि कई स्थानों पर मौके पर मौजूद मकान और आबादी को सामान्य भूमि दर्शा दिया गया है। वहीं, चकों में लगे आम, अमरूद और शीशम के पेड़ों को भी नक्शे में शामिल नहीं किया गया।

कुछ किसानों के मुख्य चकों को हटाकर उन्हें उड़ान चक बना दिया गया, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।


भूमि नाप और मूल्यांकन में गड़बड़ी का आरोप

किसानों ने भूमि की नाप में भी गंभीर गड़बड़ी के आरोप लगाए। उनका कहना है कि जिनकी भूमि मौके पर पूरी थी, नाप के समय उन्हें कम दर्शाया गया है।

साथ ही भूमि की सही मालियत का निर्धारण भी नहीं किया गया, जिससे किसानों के साथ अन्याय हो रहा है।


चकबंदी निरस्त करने की मांग

भारतीय किसान यूनियन (शंकर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह ने कहा कि ग्राम ढक्का के लगभग 70 से 80 प्रतिशत किसान चकबंदी का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में चकबंदी को निरस्त किया जाना न्यायहित में आवश्यक है।

उन्होंने यह भी मांग की कि राजस्व अभिलेखों को चकबंदी विभाग से हटाकर तहसील भेजा जाए, ताकि किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) का नवीनीकरण और नए केसीसी बनाए जा सकें।


आंदोलन की चेतावनी

किसानों ने चेतावनी दी कि यदि चकबंदी में हुई अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कर उन्हें न्याय नहीं दिया गया, तो भारतीय किसान यूनियन (शंकर) को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।


ज्ञापन सौंपने के दौरान चौधरी धर्मवीर सिंह, विक्रम पवार, अमित कुमार, नैपाल सिंह, वीरपाल सिंह गुर्जर, रामकुमार सिंह, दीपक कुमार, विनीत कुमार, शिव स्वरूप सिंह, राजीव कुमार, मदन सिंह, संदेश कुमार, भोलू सिंह, रामचंद्र सिंह, वीर सिंह सहित जिला अध्यक्ष चौधरी नेमपाल सिंह और शेर सिंह राणा समेत कई किसान मौजूद रहे।

यदि आप चाहें तो मैं इसका


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 भारतवर्ष समाचार  ब्यूरो

 संपर्क: 9410001283

 वेबसाइट: www.bharatvarshsamachar.org


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