top of page

झांसी रेलवे स्टेशन की हेरिटेज बिल्डिंग बचाने आंदोलन, पूर्व केंद्रीय मंत्री ने शुरू किया हस्ताक्षर अभियान

  • bharatvarshsamaach
  • Dec 29, 2025
  • 2 min read

रिपोर्टर: मोहम्मद कलाम कुरैशी, झांसी

 लोकेशन : झांसी, उत्तर प्रदेश

 दिनांक : 29 दिसम्बर 2025


झांसी। वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी रेलवे स्टेशन की पुरानी हेरिटेज बिल्डिंग को तोड़कर नए स्वरूप में विकसित करने की योजना को लेकर क्षेत्र में विवाद गहराता जा रहा है। केंद्र सरकार ने स्टेशन के पुनर्विकास के लिए 500 करोड़ रुपये की निधि पास की है, जिसका उद्देश्य रेलवे सुविधाओं और यातायात व्यवस्था को आधुनिक बनाना बताया गया है।


हालांकि, इस योजना के तहत स्टेशन की हेरिटेज बिल्डिंग को तोड़ा जाना विवाद का विषय बन गया है। स्थानीय लोग और सामाजिक संगठन इसे संरक्षित रखना चाहते हैं। इसी को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य के नेतृत्व में आंदोलन शुरू किया गया।


अंदोलन की शुरुआत हस्ताक्षर अभियान से

रविवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य के नेतृत्व में दर्जनों सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों ने रेलवे स्टेशन की हेरिटेज इमारत को बचाने के लिए आंदोलन की शुरुआत की।

रेलवे स्टेशन के बाहर कैंप लगाकर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। स्थानीय नागरिकों और आंदोलनकारियों ने भी इस अभियान में भाग लेकर अपनी सहमति जताई।


पूर्व केंद्रीय मंत्री का बयान

प्रदीप जैन आदित्य ने कहा कि विकास के नाम पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा:"यदि 500 करोड़ की जगह 600 करोड़ रुपये भी खर्च करने पड़ें तो करें, लेकिन विकास हो, भ्रष्टाचार नहीं।"


उन्होंने यह भी कहा कि झांसी रेलवे स्टेशन की हेरिटेज बिल्डिंग स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिश्रम और त्याग की निशानी है। उनके इस संघर्ष को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा।


मंत्री ने यह भी कहा कि यदि स्टेशन की बिल्डिंग को नए आकार में बनाया गया तो यातायात व्यवस्थाएं प्रभावित होंगी और यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने रेलवे प्रशासन से आग्रह किया कि विकास कार्य हेरिटेज संरचना को बचाते हुए किया जाए।


हेरिटेज संरक्षण और स्थानीय समर्थन

आंदोलन के दौरान कई स्थानीय संगठनों और नागरिकों ने इस हेरिटेज इमारत के महत्व पर जोर दिया। उनका कहना है कि यह बिल्डिंग झांसी और स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास की गवाही देती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हेरिटेज संरचना को नुकसान पहुंचाया गया तो आगे और भी बड़े आंदोलन किए जाएंगे।


आंदोलन में शामिल लोगों ने सरकार और रेलवे प्रशासन से अपील की कि विकास के साथ-साथ इतिहास और सांस्कृतिक विरासत का सम्मान भी किया जाए।


आंदोलन जारी रहने की संभावना

पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य और अन्य आंदोलनकारी कहते हैं कि यह आंदोलन केवल चेतावनी नहीं है, बल्कि हेरिटेज संरचना को बचाने का उनका पक्का संकल्प है। भविष्य में चरणबद्ध रूप से और भी कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना है।


  ⸻


 भारतवर्ष समाचार  ब्यूरो

 संपर्क: 9410001283

 वेबसाइट: www.bharatvarshsamachar.org



Comments


Top Stories

bottom of page