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दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ, डॉ. संदीप सरावगी ने सनातन मूल्यों का किया आह्वान

  • bharatvarshsamaach
  • Jan 16
  • 2 min read
श्री दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में भागवत कथा का भव्य शुभारंभ,
श्री दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में भागवत कथा का भव्य शुभारंभ,

श्री दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में भागवत कथा का भव्य शुभारंभ,
श्री दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में भागवत कथा का भव्य शुभारंभ,

श्री दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में भागवत कथा का भव्य शुभारंभ,
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श्री दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में भागवत कथा का भव्य शुभारंभ,

रिपोर्टर: मोहम्मद कलाम कुरैशी, झांसी

 लोकेशन : झांसी, उत्तर प्रदेश

 दिनांक :  15 जनवरी 2026


झाँसी। नगरा क्षेत्र के आजादपुरा स्थित श्री दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर (नहर के समीप) में 15 से 22 जनवरी 2026 तक आयोजित होने वाली श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ बुधवार को वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और मंगल आरती के साथ हुआ। कथा के शुभारंभ के साथ ही मंदिर परिसर भक्ति, श्रद्धा और सनातन चेतना से सराबोर हो गया।


प्रथम दिवस पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुंचे और भागवत श्रवण कर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की। शंखध्वनि और हरिनाम संकीर्तन के बीच वातावरण पूरी तरह भक्तिमय नजर आया।


जीवन का दिव्य दर्शन है श्रीमद्भागवत

कथा व्यास आचार्य पं. पुष्पेंद्र दुबे जी महाराज ने भागवत महात्म्य का रसपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाला दिव्य दर्शन है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा मनुष्य को धर्म, सत्य, करुणा और सदाचार के मार्ग पर अग्रसर करती है तथा समाज में नैतिक मूल्यों की स्थापना करती है।


उन्होंने कहा कि आज के भौतिक युग में भागवत का संदेश आत्मिक शांति, संयम और मानवीय संवेदनाओं को जागृत करने का कार्य करता है।


सनातन धर्म जीवन जीने की शाश्वत पद्धति : डॉ. संदीप सरावगी

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संघर्ष सेवा समिति के संस्थापक एवं समाजसेवी डॉ. संदीप सरावगी ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित और सकारात्मक बनाने की शाश्वत जीवनशैली है।


उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता का उल्लेख करते हुए कहा कि गीता कर्म, कर्तव्य और सेवा का संदेश देती है। व्यक्ति जब निष्काम भाव से अपने धर्म का पालन करता है, तभी समाज में शांति और समरसता स्थापित होती है।डॉ. सरावगी ने युवाओं से आह्वान किया कि वे सनातन मूल्यों को अपनाएं और नशा, हिंसा व भटकाव से दूर रहकर शिक्षा, सेवा और संस्कारों को जीवन का आधार बनाएं।


श्रद्धा और सहभागिता का अद्भुत संगम

कथा के प्रथम दिवस की आरती में श्रद्धा का अनुपम दृश्य देखने को मिला। इस अवसर पर झाँसी सदर विधायक पं. रवि शर्मा, वरिष्ठ भाजपा नेता जगदीश साहू, जिला महामंत्री भाजपा अमित साहू, जिलाध्यक्ष साहू समाज सचिन साहू, भाजपा मंडल अध्यक्ष निर्मल कुशवाहा सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने सहभागिता की।


इसके साथ ही नगर के सभासद एवं सामाजिक प्रतिनिधि भरत सेन, नरेंद्र नामदेव, आशीष चौकसे, हरिओम मिश्रा, संदीप साहू (नगरा), मनोज साहू, आशीष मिश्रा, हर्ष राय, हरीश सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


व्यवस्थाओं में दिखा सेवा भाव

आयोजन की मुख्य यजमान शिल्पी रविन्द्र साहू रहीं, जिनके सेवा-भाव और श्रद्धा से यह धार्मिक आयोजन सुचारु रूप से संचालित हो रहा है। कथा का संचालन पं. सियारामशरण चतुर्वेदी द्वारा किया जा रहा है।संघर्ष सेवा समिति की ओर से कुसुम साहू, अनुज ठाकुर, संदीप नामदेव सहित अन्य कार्यकर्ता व्यवस्थाओं में सक्रिय रूप से सहयोग करते नजर आए।


आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रतिदिन कथा श्रवण कर सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना से स्वयं को जोड़ें।


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 भारतवर्ष समाचार  ब्यूरो

 संपर्क: 9410001283

 वेबसाइट: www.bharatvarshsamachar.org

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