बलरामपुर बैंक घोटाला: CKCC खाते से 10.86 लाख रुपये की हेराफेरी, पूर्व शाखा प्रबंधक गिरफ्तार
- bharatvarshsamaach
- Dec 26, 2025
- 2 min read
रिपोर्ट: योगेंद्र त्रिपाठी
स्थान: बलरामपुर, उत्तर प्रदेश
दिनांक : 26 दिसम्बर 2025
बलरामपुर जिले के भगवतीगंज क्षेत्र में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से जुड़े CKCC (किसान क्रेडिट कार्ड) ऋण खाते में हुए बड़े वित्तीय गबन का पुलिस ने खुलासा किया है। कोतवाली नगर थाना क्षेत्र में जांच के दौरान, बैंक के पूर्व शाखा प्रबंधक शुभम शुक्ला को 10 लाख 86 हजार 800 रुपये की गबन के आरोप में गिरफ्तार किया गया। आरोपी को लखनऊ के मड़ियांव थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
मामला कैसे सामने आया
मामला 25 दिसंबर 2025 को उजागर हुआ, जब सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय प्रबंधक ऋषि सारस्वत ने कोतवाली नगर थाने में लिखित तहरीर दी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने ऋणधारक की अनुमति के बिना और CKCC खाते के नवीनीकरण के बिना फर्जी तरीके से राशि निकाल ली।
पुलिस के मुताबिक, ग्राहक के हस्ताक्षर के बिना ही विदड्रॉल फॉर्म भरे गए और अलग-अलग तिथियों में नकद राशि निकाली गई। इस प्रक्रिया में सरकारी धन का निजी इस्तेमाल किया गया, जिससे बैंक और खाताधारकों को भारी नुकसान हुआ।
पुलिस ने कैसे कार्रवाई की
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने मामले की गहन जांच की। टीम ने बैंक रिकॉर्ड, खातों के लेन-देन और दस्तावेजों की जांच करके आरोपी की संलिप्तता प्रमाणित की।
गिरफ्तार किए गए शुभम शुक्ला ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने बिना हस्ताक्षर वाले बाउचर के जरिए रकम निकाली और लगभग दो लाख रुपये अपने तथा पत्नी के संयुक्त खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर किए।
पुलिस ने कहा कि बैंकिंग प्रक्रिया में हुई लापरवाही और अन्य संभावित संलिप्तताओं की भी जांच जारी है।
अधिकारी का बयान
विकास कुमार, पुलिस अधीक्षक, बलरामपुर ने कहा:
“मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूर्व शाखा प्रबंधक को गिरफ्तार किया गया है। बैंकिंग प्रक्रिया में हुई लापरवाही और अन्य संभावित संलिप्तताओं की जांच जारी है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। हम बैंक और खाताधारकों के हितों की सुरक्षा के लिए पूरी सतर्कता बरत रहे हैं।”
आगे की कार्रवाई
पुलिस पूरे बैंकिंग नेटवर्क और लेन-देन की विस्तृत जांच में जुटी हुई है। इस घोटाले में यदि अन्य अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
बलरामपुर बैंक घोटाला एक गंभीर वित्तीय अपराध है, जिसने स्थानीय बैंकिंग व्यवस्था और खाताधारकों के विश्वास को प्रभावित किया। पुलिस और प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और सुनिश्चित कर रहे हैं कि दोषियों को कानून के अनुसार दंडित किया जाए।
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भारतवर्ष समाचार ब्यूरो
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