मुरादाबाद: गन्ना किसानों ने उठाई समस्याओं की आवाज, उपगन्ना आयुक्त से की तुरंत हस्तक्षेप की मांग
- bharatvarshsamaach
- Dec 19, 2025
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भारतवर्ष समाचार ब्यूरो
स्थान : मुरादाबाद मंडल, उत्तर प्रदेश,
दिनांक : 19 दिसम्बर 2025
मुरादाबाद: मुरादाबाद मंडल के गन्ना किसानों ने उपगन्ना आयुक्त मुरादाबाद मंडल को ज्ञापन सौंपकर अपने कई गंभीर मुद्दों को सामने रखा। किसानों का आरोप है कि मंडल के क्रय केंद्रों पर गन्ना खरीद में भारी भ्रष्टाचार हो रहा है और मिल प्रबंधन की मिलीभगत के कारण किसानों को उनका हक नहीं मिल रहा है।
किसानों का कहना है कि गन्ने की खरीद में 2% अतिरिक्त अवैध गन्ना लिया जा रहा है। उदाहरण के लिए, यदि किसान 20 कुंतल गन्ना आपूर्ति करता है, तो 20.60 कुंतल गन्ना ही लिया जाता है। किसानों का आरोप है कि जिला गन्ना अधिकारी नियमित निरीक्षण करते तो यह घोटाला नहीं होता।
किसान संगठन ने ज्ञापन में उपगन्ना आयुक्त से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की और कई समस्याओं को उजागर किया:
गन्ना मूल्य भुगतान में देरी: किसानों ने मांग की है कि गन्ना मूल्य का भुगतान 14 दिन के भीतर किया जाए। यदि भुगतान में विलंब होता है, तो 15% ब्याज सहित भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
सहकारी समितियों की पारदर्शिता: गन्ना विकास सहकारी समितियां करोड़ों रुपए टैक्स देती हैं, लेकिन किसानों को इसका लाभ नहीं मिल रहा। साथ ही, 3% ब्याज अनुदान KRP पोर्टल पर दर्ज नहीं किया जा रहा, जिससे किसान वंचित रह जाते हैं।
राज्य सरकार का एक प्रतिशत ब्याज अनुदान: अगस्त 2025 तक राज्य सरकार से किसानों को यह राशि मिली है, लेकिन सहकारी समितियों ने इसे वितरित नहीं किया।
नैनो यूरिया का जबरदस्ती थोपना: किसान संगठन ने विरोध जताया कि गन्ना विकास सहकारी समितियां किसानों को नैनो यूरिया जबरदस्ती थोप रही हैं।
NABARD पोर्टल पर पंजीकरण: सभी गन्ना विकास सहकारी समितियों को NABARD के पोर्टल पर पंजीकृत कराया जाए, ताकि प्रदेश के 55 लाख गन्ना किसानों को वास्तविक लाभ मिल सके।
ज्ञापन सौंपने के दौरान राहुल यादव, सुरेश यादव, पंकज बिश्नोई, राजेंद्र पाल, राजवीर गुर्जर, आफताब चौधरी, धर्मवीर सिंह, हरि सिंह सैनी, राकेश रतनपुर और सुखबीर भगत समेत कई किसान नेता मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि यदि उपगन्ना आयुक्त समय रहते हस्तक्षेप नहीं करते हैं, तो संगठन सख्त कदम उठाने के लिए बाध्य होगा।
किसानों ने विशेष रूप से यह भी बताया कि क्रय केंद्रों पर गन्ना तौल शुद्ध 0% होना चाहिए, लेकिन अधिकारियों और मिल प्रबंधन की मिलीभगत के कारण हर सत्र की शुरुआत से ही 2% अतिरिक्त गन्ना अवैध रूप से लिया जा रहा है। किसानों का कहना है कि यदि अधिकारी स्वयं क्रय केंद्रों का निरीक्षण करते, तो यह घोटाला नहीं होता।
यह मामला मुरादाबाद मंडल में गन्ना किसानों की समस्याओं, विभागीय भ्रष्टाचार और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। किसान संगठन ने उपगन्ना आयुक्त से विशेष अनुरोध किया है कि वे समय रहते हस्तक्षेप करते हुए किसानों के हित में कार्रवाई करें।
किसानों का संदेश स्पष्ट है: “हम अपने हक के लिए खड़े हैं और इसे दबाया नहीं जा सकता।”
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भारतवर्ष समाचार ब्यूरो
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वेबसाइट: www.bharatvarshsamachar.org

















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