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वंदे मातरम मन की बात, जन गण मन दिल से” सपा विधायक इक़बाल महमूद के बयान से सियासत में मचा बवाल

  • bharatvarshsamaach
  • Nov 13, 2025
  • 2 min read


 भारतवर्ष समाचार  

 रिपोर्टर: प्रदीप मिश्रा | संभल, उत्तर प्रदेश

 तारीख: 13 नवंबर 2025


उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर ‘वंदे मातरम बनाम जन गण मन’ की बहस छिड़ गई है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और संभल से विधायक इक़बाल महमूद के बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।


दरअसल, हाल ही में योगी सरकार द्वारा सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों और दफ्तरों में ‘वंदे मातरम’ गाना अनिवार्य करने का आदेश जारी किया गया था। इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए इक़बाल महमूद ने कहा —

“हमारा राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ है, उसे गाना हमारा कर्तव्य है और हम दिल से गाते हैं।लेकिन ‘वंदे मातरम’ कोई अनिवार्य आदेश नहीं है, यह मन की बात है — मन करे तो गाओ, नहीं तो मत गाओ।”

उन्होंने आगे कहा कि —

“सरकार उनकी है, आदेश दिया है तो अधिकारी और शिक्षक उसका पालन करेंगे। इसमें विरोध का कोई सवाल नहीं उठता। जब सरकार बदलती है तो नीतियां भी बदलती हैं।”

जब उनसे सवाल किया गया कि अगर भविष्य में समाजवादी पार्टी की सरकार बनी तो क्या इस आदेश को पलटा जाएगा, तो विधायक महमूद ने जवाब दिया —

“यह फैसला पार्टी नेतृत्व करेगा, मैं इस पर अभी कुछ नहीं कह सकता।”

उनके इस बयान के बाद सियासी हलकों में बयानबाज़ी तेज हो गई है। भाजपा नेताओं ने सपा विधायक पर राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को लेकर विवाद खड़ा करने का आरोप लगाया है, जबकि सपा समर्थकों का कहना है कि इक़बाल महमूद ने संविधानिक अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बात कही है।


प्रदेश के राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह बयान समाजवादी पार्टी की वोट बैंक राजनीति से जुड़ा हो सकता है, वहीं भाजपा इसे राष्ट्रभक्ति के मुद्दे पर बड़ा राजनीतिक हथियार बना सकती है।


बाइट:इक़बाल महमूद, विधायक (समाजवादी पार्टी), संभल


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 भारतवर्ष समाचार  ब्यूरो

 संपर्क: 9410001283

 वेबसाइट: www.bharatvarshsamachar.org

 
 
 

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