IndiGo उड़ान संकट पर केंद्र सरकार सख्त, DGCA ने वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू की
- bharatvarshsamaach
- Dec 9, 2025
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भारतवर्ष समाचार ब्यूरो
दिनांक : 09 दिसम्बर 2025
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो बीते एक सप्ताह से उड़ानों में रद्दीकरण और देरी को लेकर गंभीर संकट से जूझ रही है। इस पूरे मामले पर अब केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए इंडिगो की आंतरिक प्रबंधन व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया है। सरकार का कहना है कि यात्रियों को हुई परेशानी किसी बाहरी कारण से नहीं, बल्कि एयरलाइन की आंतरिक रोस्टरिंग और परिचालन चूक का नतीजा है।
लोकसभा में बयान देते हुए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बताया कि स्थिति अब धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, लेकिन जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इंडिगो के वरिष्ठ अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है और पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर विमानन कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने साफ किया कि यात्रियों की सुविधा से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोई भी एयरलाइन, चाहे वह कितनी ही बड़ी क्यों न हो, नियोजन में लापरवाही या नियमों की अनदेखी कर आम लोगों को परेशान नहीं कर सकती।
इस बीच डीजीसीए ने इंडिगो को अपने उड़ान संचालन में 5 प्रतिशत की कटौती करने का निर्देश दिया है। एयरलाइन से संशोधित उड़ान कार्यक्रम निर्धारित समय सीमा के भीतर जमा करने को कहा गया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, नवंबर 2025 में इंडिगो को बड़ी संख्या में उड़ानों की अनुमति मिली थी, लेकिन वह तय क्षमता के अनुरूप संचालन नहीं कर सकी और सैकड़ों उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।
सरकारी रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि फ्लाइट शेड्यूल बढ़ाए जाने के बावजूद इंडिगो के पास पर्याप्त सक्रिय विमान नहीं थे, जिससे व्यवस्था बिगड़ी। इसी को देखते हुए डीजीसीए ने विशेष रूप से व्यस्त और उच्च मांग वाले मार्गों पर उड़ानों में कटौती के आदेश दिए हैं।
सरकार ने दोहराया है कि यात्रियों के हित सर्वोपरि हैं और भविष्य में इस तरह की अव्यवस्था दोहराई गई तो कड़ी कार्रवाई तय है।
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