सुहागरात से पहले साजिश! संभल में ‘लुटेरी दुल्हन गैंग’ का खुलासा, शादी के नाम पर ठगी का बड़ा नेटवर्क बेनकाब
- bharatvarshsamaach
- 14 hours ago
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रिपोर्टर: प्रदीप मिश्रा, संभल
स्थान: संभल, उत्तर प्रदेश
दिनांक : 27 जनवरी 2026
संभल। उत्तर प्रदेश के संभल जिले से शादी के नाम पर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। चन्दौसी थाना क्षेत्र के पथरावां गांव में 25 जनवरी को गांववालों की सतर्कता से एक ऐसी महिला पकड़ी गई, जो शादी के बाद घर से गहने और नकदी लेकर फरार होने की फिराक में थी। महिला ने खुद को पूजा बताया था, लेकिन जांच में उसकी असली पहचान आयशा खातून के रूप में हुई।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को हिरासत में लेकर मिशन शक्ति केंद्र लाया गया। महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में की गई पूछताछ में एक संगठित लुटेरी दुल्हन गैंग का खुलासा हुआ, जिसने जिले में सनसनी फैला दी।
चार शादियों का खुलासा, हजारों रुपये की ठगी
मंगलवार को बहजोई स्थित अपने कार्यालय पर प्रेस वार्ता करते हुए पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि अब तक चार फर्जी शादियों का खुलासा हो चुका है। इन मामलों में अविवाहित युवकों से 50 हजार से 75 हजार रुपये तक वसूले गए।
SP ने बताया कि
22 दिसंबर को भोला नामक युवक से 55 हजार रुपये लेकर आरती नाम की लड़की से शादी कराई गई।
राजू पुत्र महेश जाटव से 53 हजार रुपये लेकर पूजा उर्फ आयशा से विवाह कराया गया।
परमेश से 75 हजार रुपये लेकर दूसरी पूजा से शादी कराई गई।
मुरादाबाद के मोनू मिश्रा से 70 हजार रुपये लेकर इशिता नाम की फर्जी दुल्हन भेजी गई।
धर्म और पहचान छिपाकर रची गई साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड बदायूं के बिनावर का निवासी राजीव है, जिसकी साथी काजल उर्फ नूरजहां खातून पश्चिम बंगाल से लड़कियों को लाकर इस ठगी के नेटवर्क में शामिल करती थी।
गिरोह का तरीका बेहद शातिर था। पहले मुस्लिम लड़कियों के आधार कार्ड में हिंदू नाम दर्ज कराए जाते, फिर गांव-गांव जाकर ऐसे युवकों को तलाशा जाता जिनकी शादी नहीं हुई हो। शादी के कुछ दिन बाद दुल्हन घर में रखे सोने-चांदी के जेवर और नकदी लेकर फरार हो जाती।
गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में काजल उर्फ नूरजहां, राजीव और पूजा उर्फ आयशा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। साथ ही फर्जी आधार कार्ड बनाने में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द उनकी गिरफ्तारी की तैयारी की जा रही है।
पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह ने अब तक कितनी और शादियों के जरिए ठगी को अंजाम दिया है।
बाइट – कृष्ण कुमार विश्नोई, पुलिस अधीक्षक, संभल
“यह सिर्फ ठगी नहीं, बल्कि पहचान और धर्म छिपाकर किया गया संगठित अपराध है। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है और सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
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भारतवर्ष समाचार ब्यूरो
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